Lyrics of the album
DARSHAN
1.
नमामी स्वामी
नमामी स्वामी विद्यानंद
परमगुरु मम ही देव
परमदयालु करुणासागर
करुणम पुरु तम ही देव
2.
विश्वतेज शक्तिकेंद्र
विश्वतेज शक्तिकेंद्र
लाए हैं आरती दीप में
अर्पण श्री चरण में
गुरुदेव.....
विश्वजल की शक्ति तेरी
रख ली शंखकेंद्र में
ढाल दी श्री चरण में
गुरुदेव.....
विश्वशोभा के केन्द्र कुसुम
वरण किया श्री चरण से
अर्पण श्री चरण में
गुरुदेव...
विश्ववायु केंन्द्र में
चमर पुंज में पा लिया
स्पर्ष किया श्री चरण को
गुरुदेव....
विश्वप्राण मेरे प्राण
मन ही मन स्मरण किया
चरण में प्राण सौंप दिया
गुरुदेव....
स्वीकार कर लो संतान आरती
प्रणाम ये है गुरु चरण में तुम्हारी
जो रूप में संतान चाहे तुम्हें प्रभु
वही रूप लेके सदा रहे तुम
जय गुरु, जय गुरु, जय गुरु जय
जय गुरु, जय गुरु, जय गुरु, जय
3.
भक्तों के सामने
भक्तों के सामने गीत मैं गाऊँ
गुरुवर की महिमा गाके सुनाऊँ
जब जब उन चरणों में शीश ये नवाऊँ
बिन माँगे हर वरदान मैं पाऊँ
मैं गुरुवर की महिमा गाके सुनाऊँ
भगवन हैं एक कितने उनके रूप
कहीं छाँव शीतल खिले कहीं धूप
मन की आँखों से देखो चाहो रूप जैसा
भक्त चाहे जैसा प्रभु बन जाए वैसा
उन्हीं गुरुवर की महिमा गाके सुनाऊँ
उनकी लीलाओं का मैं क्या करूँ बखान
उनकी ही कृपा से चले सारा जहान
इस जग के कण कण में है वही समाए
जन की मुक्ति के लिए वे हर युग में आए
उन्हीं गुरुवर की महिमा गाके सुनाऊँ
दिल से भक्तों ने जब उनको पुकारा
भगवन ने आगे बढ़के दिया सहारा
मिल गई कृपा तुम्हारी और क्या मैं चाहूँ
तुम्हीं मेरा जीवन तुम्हीं को सराहूँ
अपने गुरुवर की महिमा गाके सुनाऊँ
4.
दे दो इतना सा वरदान
दे दो इतना सा वरदान, करते रहें तेरा गुणगान
तेरी बातों पे ही सदा, बना रहे अपना ध्यान
तेरी बातें याद करें, तेरी कृपा पाते रहें
तेरी कृपा में पाया है, मुक्ति का पथ आसान
दे दो इतना सा वरदान...
सुख बाँटो, सुख भोगो, इच्छा है भगवन की
जन जन का दुख हरना, है सफलता जीवन की
दे दो इतना सा वरदान...
कण कण में तुम्हीं बसे हो, तुम ही हो रग रग में
सर्वव्यापी नाम जिसका, तुम्हीं हो इस जग में
दे दो इतना सा वरदान...
मन से, बातों से, कर्म से धर्म धरें
आशीष मिले तेरा, हरदम वो कर्म करें
दे दो इतना सा वरदान...
5.
दिखलाओ दरस
दिखलाओ दरस
गुरु नैना बहे तरस तरस
राह निरख नैना गए मुरझाए
तड़पत हिया मोरा, जिया अकुलाए
कब आएँगे मेरे जीवन के उजियारे
कब से हैं अँधियारे बरस बरस
दिखलाओ दरस....
नित नित नैनो से नीर बहे
हालत ये उनसे जाके कौन कहे
आ जाओ भगवन दिल की पुकार पे
मनवा उदासी को दो हरस हरस
दिखलाओ दरस
6.
एक ही सहारा है
एक ही सहारा है गुरु तेरा नाम
नाम जपने से पूरे होंगे चारों धाम
भजो नाम गुरु नाम, जय गुरु नाम
नाम जपने से पाप हो गए दूर
प्रभु संग भगत हुए मशहूर
तेरा नाम दुनिया को
देता हर दुख से आराम
एक ही सहारा है.....
चातक को जैसे बरखा की आस है
भक्तों को तेरे नाम की ही प्यास है
तेरा नाम दुनिया को
देता हर दुख से आराम
एक ही सहारा है.....
कितने नरों को तेरे नाम ने तारा
भव सागर के है पार उतारा
तेरा नाम मिला जिसे
उसे किसी और से क्या काम
देता हर दुख से आराम
एक ही सहारा है.....
7.
गुरु चरणों मे मेरा ठिकाना
गुरु चरणों मे मेरा ठिकाना, दया करो प्रभु हे दया निधान
अँधेरा मन का दूर करो प्रभु, दया करो प्रभु हे दया निधान
अँधेरा मन का दूर करो प्रभु, करो उजाला देकर ज्ञान
ना जानूँ शक्ति, ना जानूँ भक्ति
ना कोई साधन, ना कोई सुमिरन
मेरे होने का तुम हो कारण
और नहीं कोई तेरे समान
गुरु चरणों मे मेरा ठिकाना ....
मात पिता तुम ही, तुम ही हृदय में
तुम ही झलकते हर निर्णय में
जो है जग में सब तेरा दान
करुणा सागर हे दया निधान
गुरु चरणों मे मेरा ठिकाना ....
8.
गुरु दुनिया में
गुरु दुनिया में तुम्हीं बसे हो हे नारायण
तुम्हीं गीता, वेद तुम्हीं, तुम्हीं रामायण
आँखें जिधर फेरूँ अपनी तुमको ही मैं पाऊँ
हो उजाल या अँधेरा, साथ तुम्हारा पाऊँ
दिन उगे जो, साँझ ढले जो, दरसन तेरे पाऊँ
सूरज, चंदा, नभ के तारे तुम्हीं नारयण
गुरु दुनिया में....
बहते हैं जो हवा के झोंके शीतलता है तेरी
कस्तूरी को ढूँढे हिरणी आकुलता है तेरी
सघन वन में जो है फैली नीरवना है तेरी
जन के व्याकुल मन में बसे तुम्हीं नारायण
गुरु दुनिया में....
9.
गुरु ही गोविंद
गुरु ही गोविंद, गुरु राम
सदा भजो एक नाम, सुबहो शाम
गुरु ही हमारे दाता राम
गुरु ने दिखाई है वही एक राह
उसी राह चलो पूरी होगी हर चाह
गुरु ही गोविंद....
उनका लो नाम उनका करो ध्यान
गुरु की दया से मिलता ज्ञान
गुरु ही गोविंद....
माता पिता वही, वही संसार
गुरु में ही पाया हर धर्म का सार
गुरु ही गोविंद....
मिलेंगे गुरु बस जान ये लो
मन में मगन हो नाम जप लो
गुरु ही गोविंद....
गुरु से बढ़कर और है क्या
गुरु मिल जाए यही कामना
गुरु ही गोविंद....
नाम वही जपो, देखो वही मूरति
पूरी श्रद्धा से करो गुरु भक्ति
गुरु ही गोविंद....
गुरु नाम करे पार भवसागर
बिन गुरु नाम पूरा हो ना सफर
गुरु ही गोविंद....
10.
गुरु का गुणगान करें
गुरु का गुणगान करें गाओ वो भजन
गुरु की छवि निहारो खोलो नयन
गुरु का गुणगान....
जीवन में उमंग नई ला, नाम भजन में मन तू लगा
प्रभु का तू नाम लेके बन जा पावन
गुरु का गुणगान....
कोई नहीं अपना या बेगाना, याद सदा बात ये रखना
अपना पराया क्या हर रूप में भगवन
गुरु का गुणगान....
गुरु बिना राह कोई नहीं, जीवन वही मरन भी वहीं
गुरु के बिना है जीवन एक भटकन
गुरु का गुणगान....
जाग जा तू देख क्या, ऐसे ही जीवन गँवा दिया
सफल अपना तू बना ले बाकी जीवन
करें सभी मिलके चलो नाम का भजन
गुरु का गुणगान....
11.
गुरुवर आन मिलो
गुरुवर आन मिलो, प्रभुवर आन मिलो
प्रेम भरो मेरे जीवन में प्रेम भरो
आने की कब से तेरी राह तकूँ
साँझ ढली अब तो तेरा दरस करूँ
प्रभु दरस करूँ
सुन लो मेरी बात प्रभुवर
सुन लो मेरी याचना
सदा पास अपने रखना
दूर कभी ना करना
गुरुवर, गुरुवर
दरसन दो दरसन दो हमको प्रभुवर
सफल करो पूजा मेरी पूरी करो साधना
गुरुवर आन मिलो.....
आने की कब से तेरी राह तकूँ
साँझ ढली अब तो तेरा दरस करूँ
प्रभु दरस करूँ
साधना ही एक है रस्ता
ये है हमने जाना
क्यूँ ना हमसे साधना होती
तू ही राह दिखलाना
गुरुवर, गुरुवर
दरसन दो दरसन दो हमको प्रभुवर
सफल करो पूजा मेरी पूरी करो साधना
गुरुवर आन मिलो.....
12.
गुरु तुमसे मिलके
गुरु तुमसे मिलके और कुछ ना चाहूँ
नाम भजन में मैं तो प्रभु तेरा आशीष पा लूँ
बस इतना ही मैं चाहूँ
दुनिया की माया ना चाहूँ, मुझको अपने रंग में रंग लो
ऐस रंग वो प्रेम का रंग हो, जो ना कभी उतरे
बस इतना ही मैं चाहूँ
मेरे हाथों जो करम हो, वो तू ही करवाए
भटके राही मनवा मेरा, तू रस्ता दिखलाए
बस इतना ही मैं चाहूँ
भगवन मेरे मुझको देना, अपनी भक्ति अपनी शक्ति
जनम जनम की बेड़ी से मिल जाए मुझे मुक्ति
बस इतना ही मैं चाहूँ
13.
मैंने तुम्हें अपना
मैंने तुम्हें अपना मान लिया है
क्या है नाता हमारा जान लिया है
तुम हो भगवन साथ मेरे, सब कुछ मेरा हाथ तेरे
मेरे सारे अवगुण दूर कर दो
चित्त में उज्जवल रंग भर दो
मैंने तुम्हें अपना....
तुमने जनम दिया तुम पालो, सुख दुख दोनों तुम सँभालो
मन के अँधेरे सारे मेरे हर लो
जीवन में भक्ति के रंग भर दो
मैंने तुम्हें अपना...
14.
नाम गुरु का भज प्यारे
नाम गुरु का भज प्यारे, अवगुण सारे तज प्यारे
नाम हरि का भजने से जीवन ये संवर जाए
हरि का चिंतन करने से, जीवन ये सुधर जाए
नाम गुरु का भज प्यारे.....
करें जो गुरु का ध्यान, मान बढ़ जाता है
दुनिया में भक्तों का सम्मान बढ़ जाता है
नाम, नाम, नाम, नाम भजते जाओ गुरु का नाम
नाम जपन से बन जाते हैं सारे अपने काम
नाम गुरु का भज प्यारे...
पूरा भरोसा रखना, प्रभु रक्षा करते हैं
देके फल पुण्य कर्म का पाप हर लेते हैं
नाम, नाम, नाम, नाम भजते जाओ गुरु का नाम
नाम जपन से बन जाते हैं सारे अपने काम
नाम गुरु का भज प्यारे...
पिंजरे के पंछी सुन ले द्वार खुल जाएँगे
नाम हरि का भजने से पाप धुल जाएँगे
नाम, नाम, नाम, नाम भजते जाओ गुरु का नाम
नाम जपन से बन जाते हैं सारे अपने काम
नाम गुरु का भज प्यारे...
15.
रहने दो मुझे
रहने दो मुझे उन चरण में
आ गया प्रभु तेरी शरण में
प्रभु सिवा तेरे कौन है मेरा, तेरे दर पे आ गया हूँ
आ गया हूँ तेरे दर पे, तेरे दर पे, तेरे दर पे
रहने दो मुझे...
दिखता कुछ नहीं अब सिवा तेरे, इन नैनों तुम बसे हो
तुम बसे इन नैनों में, तुम बसे हो, तुम बसे हो
रहने दो मुझे...
जग से नाता मेरा छूटा, जब से नाता तुझसे बनाया
तुझसे बनाया जब से नाता, तुझसे बनाया, तुझसे बनाया
रहने दो मुझे....
हाथ दया का अब ना हटाना, दयासागर है नाम तुम्हारा
नाम तुम्हारा है दया का सागर, दया का सागर, दया का सागर
रहने दो मुझे....
16.
संवर जाए सबका जीवन
संवर जाए सबका जीवन, लेके गुरु नाम
बन जाए बिगड़े हुए, सबके ही काम
तेरे ही दम से रोशन सारी दुनिया
तुमने ही जग को सारे पावन किया
जिसने तेरा नाम लिया, उसको तूने थाम लिया
थाम करके बाँह तेरा हो गए चारों धाम
संवर जाए सबका जीवन....
स्वामी विद्यानंद की भक्ति हमें मिल गई
जीवन मरू में ज्ञान कली खिल गई
तेरी खुशबू से भगवन भर दे मेरा भी जीवन
तेरी दया से महके मेरे सुबहो शाम
संवर जाए सबका जीवन....
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