Lyrics of the album
MILAN


1.

गुरुस्तुति


ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देव महेश्वर:
गुरुरेव परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:
एकं नितयं विमलचलं सर्वधि साक्षीभूतम
भावातीतं त्रिगुण्रहितं सदगुरु तं नमामि



2.        
मैं यहाँ जग में

मैं यहाँ जग में हूँ बस करने तेरा नाम
तेरे यही करम में हो मेरी पहचान

सवेरे जब गगन सारे गाएँ नाम सुर में तेरे
पास मुझे रहने देना पाऊँ प्रभु तेरा दान
तेरे यही जग में स्वामी करले शामिल काम में तेरे
दिल में सदा बजने लगे दिया जो तू नाम
मैं यहाँ जग में हूँ ....

मेरा आना अंत होगा बुलाओ जो पास हमें
जीवन मेरा सुधर जाए तुम्हारा नाम लेके
ना जाने किस छल में खुशी होना चाहे आँखों में आँसू
मिलन हो गएआज मधुर तेरे चरणों में आके


3. 
भाए ना मुझे
भाए ना मुझे तो और कुछ स्वामी तेरे चरण बिना
कभी सुख कभी दुख के सहारे जीवन बहता जाए

ऐसे दिन में मिल गए तेरे साथ प्राण में
ढूँढ के मैं तुझे ही पाया मन में फिर मेरे

आखिर ये द्वार खोल के मेरे खड़े हुए पास आके
मेरी तरफ़ हाथ फ़ैलाए अपना लिए हमें
प्रभु अपना लिए हमें

तेरी ये खुशी दिल में मेरे नहीं रुकावट है कोई स्वामी
खुशी तो छुप के गम में भी है पास रहे सदा मेरे

उम्मीद ख्वाहिश दुख और सुख में अच्छे बुरे के सदमें आए
तेरे ही साथ तो मिलन हुआ तू जो हमें निहारे प्रभु
तू जो हमें निहारे


4. 
संदेशे तुम्हारे लेके

संदेशे तुम्हारे लेके आए प्रभु आज कौन मेरे द्वारे
तुमने बुलाया यही तो कहने आए वो सामने मेरे

टूट गए सारे मेरे अँधेरे प्राण में आए उजाले
आनन्द में आज दिल का जहाँ भर गए जैसे मेरे

द्वार खुले हम हाथों में दिया लेके ही नमन किया
फ़रिश्ता होके आ गए तुम मेरे ही घर के द्वारे
मेरे ही घर के द्वारे....
संदेशे तुम्हारे.....

पूजूँगा तुम्हें दो हाथ जोड़े अश्क के सहारे
पूजूँगा तुम्हें ये मेरा दिल रख के पाँव में तेरे
आदेश पालन करके तुम्हारे बीत जाएँगे अँधेरे उजाले
यादों में तुम हो मेरे प्रभु मैं हूँ तेरे हवाले
प्रभु मैं हूँ तेरे हवाले...
संदेशे तुम्हारे.....


5. 
उजाले आए भोर के

उजाले आए भोर के ऐसे देखते ही रह गए
जैसे उजाले वाणी होके प्रभु दिल में ये रह गए

पावन हैं उजाले तेरे शीश झुकाऊँ शाम सवेरे
कई कई बार प्राण में मेरे अपने हाथों से दीप जलाए

जो दिल अब तक बाहर देखा अंदर उसको दिखाया तुमने
सब कुछ तुम दिखा के मुझको अपने ही पास ले लिए
सब भेदभाव दूर हो गए तेरे ही नाम तो लेके
उजाले आए भोर के ...

सबके साथ ही तुझको पाया तेरी आराधना प्राण में आई
सबसे मिलना तेरा ही मिलन जैसे वो पूरे मन में मेरे
सन्नाटे मेरे मंदिर मे प्रभु तुम ही बैठे हो वहाँ
मिलन आज मधुर हुए तेरे चरणों में आके
सब भेद भाव दूर हो गए तेरे ही नाम तो लेके
उजाले आए भोर के ...


6.   
झुका दो स्वामी

झुका दो स्वामी ये सबकुछ तुम्हारे चरण तले
सब ये मेरा दोष और गुण डुबो दो इन आँसुओं में

मुख से कभी ना कहूँ प्रभु जो कुछ भी मैंने किया
तेरी ही इच्छा बनी रहे शरण में हूँ तेरे

कितना ओ स्वामी दिखा दिया तुने सारा जहाँ घर बने
हाथों में ये मेरा हाथ लेके राह तुने दिखा दी

दुख में सुख में पास आए राहों के तुम साथी हुए
सब ज़िम्मेदारी अंत हो तो आना प्रभु मुझे लेने

जो कुछ है मेरे आगे है प्रभु अपने हाथों में उठा ही लोगे
मेरा ये दिल छू के ही रहे तुम्हारा ये श्री चरण


7.  
चारों तरफ़ आज

चारों तरफ़ आज शांतिसागर
चुप सी हो गई मन की लहर
मिलन की धारा बहती है ऐसे
मिल गया दिल को सुकून
गुरु के चरणों में किया है मैंने
जीवन समर्पण

मेरे जीवन में कब अचानक
गुरु के उजाले लाए हैं किरण
और उजालों का नहीं प्रयोजन
चेतना आ गई मेरी
तुम हो प्रभु जग में सारे
देखूँ और सोचूँ मन में मेरे
तुम ही तो स्वामी हर रूप में
रहते हो सौ दिलों में
आ गए तुम पास मेरेमेरे ही देवता होके

सब नाराज़ी दूर हो गई
नाम लिया तेरा पावन
तेरे ही आसन मन कमल में
सदा करूँ तेरा पूजन
तेरे पावन उजालों में बैठे
नाम तेरा करूँ मगन होके
बार बार तुम खुद ही स्वामी
जगाया है मेरा प्राण
हे मेरे गुरु प्रणाम तुम्हें
नाम है तेरा महान



8.  
तेरे चरणों में

तेरे चरणों में किया है प्रभु जीवन समर्पण
देवताओं के आदि देव तुम करूँ वो मैं दर्शन

बह रहे हैं उजाले तेरे चरणों से स्वामी
किरणें वहाँ से जैसे उसकी गिरती है माथे पे आके

जो जाए और जो रह जाए सब कुछ आज दे दिया तुमको
बैठे रहे प्रभु आस में तेरी कब मिले किनारा
तेरे चरणों में....

आदेश पालन किए तुम्हारे अफ़सोस गए आज दिल के
तेरे पाँव में सब झुका के खुद को किया हवाले
घर का ठिकाना है अनजाना
मन करे वहाँ जाऊँ
ध्रुव तारा होके तुम लेके चलो
पहचानूँ ना प्रभु पहचानूँ ना
तेरे चरणों में ....




9.   
घर में मेरे

घर में मेरे अपने होके प्रभु सदा रहो
दर गम आज सफल हुए पाके तेरे उजाले

दिन रजनी तुम हो स्वामी घर में यही मेरे
तेरा आना भोर में सदा कि्रण लेके आई
जब सवेरे आँखें खुली तेरी ही ओर देखा
खुशी से तुमने जैसे छू ली मेरी जीवन रेखा
प्रभु मेरी जीवन रेखा...

दया से तुमने जीवन मेरे जैसे भिगो दिया
वरना स्वामी मुश्किल होता तेरा चरण छूना
तेरे चरण बिना मैं वो सुख नहीं पाऊँगा
समझ गया बात यही नाम ही गाऊँगा
प्रभु नाम ही गाऊँगा...

वाणी से तुम आओ प्रभु छूलो मुझो आके
वो ही दोनों हाथ फैला के मुझे तो उठा लो
दरवाज़ा तुम खुल के स्वामी आए हो पास मेरे
आँसू में दिल बहता जाए पाँव तले तेरे
प्रभु पाँव तले तेरे....


10. 
खामोश मुझे कर दो

खामोश मुझे कर दो स्वामी खामोश कर दो
दिल में बजा के बाँसुरी अपना बना लो

जग में सारे धुन में तेरी
है गीतों के मेले
दिल में सदा है वो लहर
सात सुरों के रेले
जब खुली ये आँखें दो मेरी
प्राण को मिली खुशी
कुछ भी तो नहीं अपना जग में
समझ में आई बातें
बैठे हो तुम्हीं तो कब से स्वामी मेरे मन मंदिर में
खामोश कर दो...

आसमाँ हवा पानी उजाला
सबको मैंने प्यार किया
दिल में जैसे है ये सारे
रूप में अलग अलग
शाम सवेरे काम में सारे
भीड़ में रहे मैं तो खोए
बीच सभी के रह के भी मैं
इन आँखों से देखे
समा गए प्रभु जग में कभी कभी दिल में मेरे
खामोश मुझे कर दो....


11.  
दो नैनों को खोल के

दो नैनों को खोल के जैसे प्राण में आई खुशी
जब से तेरी राह मेरी है वो नहीं उदासी

तुम हो मेरे साथ सखा ज़िंदगी में हो समाए
तेरे नाम अपने से ही सभी दिशा में गूँजे

इन आँखों से दूर निहारे तुमको देखे देखते रहे
रोशनी तेरी छेड़ दे कोई प्रेम की मधुर तान
प्रभु प्रेम की मधुर तान...

जोड़ दिए तुम साथ सब के मुक्ति दे दो मुझे
राह दिखाई हर सफ़र में तेरी ही ओर ले चले
बाढ़ आई है जैसे कोई मन की नदी में
तेरे चरण छू के रहेंगे अपने हाथों से
प्रभु तेरे हाथों से....


12.    
ऐसा जीवन

ऐसा जीवन पार करने
भव सागर का आया बुलावा
सुन रहे हो दूर से क्या तुम
बाँसुरी वो बजने लगी
नाव तो अब दिन के आखिर पार में लग जाएगी
गुरु मेरे पास आएँगे साथ मुझे लेने

ले लिए इस प्राण में तुझे पा लिए सब जो भी चाहे
छू दिए तुम मुझको प्रभु और क्या बोलो चाहूँ
जो भी पाया आज मेरे पास ना रहेगा उसका निशाँ
राहों में राही सुनेगा दिल में तेरी वाणी सदा प्रभु
ऐसा जीवन ....

दिल ये चाहे गर्व से कहूँ
बात ये जाने के समय
जो भी देखा जो भी पाया
है वो बेमिसाल
जिसे छूके ना मुमकिन है पाना
रूप में सभी है वो यहीं
दिल ये चाहे फिर से कहूँ
जाने के समय


13
अब तो मुझे

अब तो मुझे ले लो प्रभु अपने पास लो
ना ठुकराओ और हमको लो हमें बुला लो
अब तो मुझे...

कितना है प्रभु सिखाया हमको
दिखाई राह नई
हुई पहचान तुम्हारी दया से
दिल के गगन में है ये सब
जहाँ भी गया वहाँ देखा
तुझे ही तो इन नैनों से देखा
पूरन होके पूरन प्रकाश
दिखाए प्रभु तुमने हमें
अब तो मुझे....

सुख और दुख से हम तो गुज़र कर
तेरी दया से आए यहाँ पर
शाम जो हुई तुम बुलाए
मिल गई मंज़िल जैसे मुझे
रहेंगे हम साथ तुम्हारे
देखेंगे हम आँख से नई
वही सुबह के उजालों में
रहेंगे हम साथ तुम्हारे
अब तो मुझे....



14
आनंद आनंद

आनंद आनंद आनंद
प्राण में मन में आनंद
हृदय अंगन में आनंद
आनंद आनंद आनंद

आनंद दिए तुम प्राण में मेरे
आनंद डोर से बाँध दिया है
आनंद दे दिए नाम में तेरे
रख लिए हमको आनंद में
प्राणों में दीप तुम जला ही दिए
मिलन हुए आज संग तेरे
आनंद आनंद आनंद....
गगन पवन में आनंद
कानन कुसुम में आनंद
आनंद आनंद आनंद....

तेरे आनंद परम दुख में
जैसे प्राण में आए दिशाएँ होके
तेरे आनंद पास हैं मेरे
आनंद आए हैं जीवन में
विश्व रचना प्रभु देखी तुझमें
तेरे दो हाथ मुझे सहारे दिए
आनंद आनंद आनंद
दुख में सुख में आनंद
जीवन मरण में आनंद
आनंद आनंद आनंद

आनंद सुर बहे जग में सारे
वो सुर बहे जैसे मन में मेरे
सोने की पायल बजे तेरे पाँव में
वही सुर बजे आज मेरे प्राण में
पत्थर पिघल गए बही तेरी सुधा
नैन शीतल हुए आनंद में
आनंद आनंद आनंद
दुख में भाव में आनंद
नयन से देखूँ तो आनंद
आनंद आनंद आनंद
गुरु के नाम में आनंद
गुरु की वाणी में आनंद
आनंद आनंद आनंद

आनंद जीवन में लौट आए
आनंद सागर में ये दिन बीते
आनंद
गुरु के छूने से आनंद
गुरु के प्रसाद में आनंद
गुरु की सेवा में आनंद
स्मरण में मनन में आनंद
गुरु के चरण आनंद
चरण नमन में आनंद
आनंद आनंद आनंद
आनंद आनंद आनंद

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